Tuesday, 13 December 2016

चलते जाना है

जिन्दगी का सफ़र है,
बस चलते जाना है।
ना पता किस मोड़ पर मुकाम है,
बस चलते  जाना है।
ना कोई खोज ना कोई खबर,
बस चलते जाना है।
खाली हाथ आये थे,
खाली हाथ जायेंगे,
फिर भी चलते जाना है।
क्या पता किस मोड़ पर मुकाम हो,
उसके तलाश में बस चलते जाना है।
वक्त गुजर जायेगी,
उसकी तलाश मे,
और वो
पास ही रहेगी फिर भी,
उसके तलाश मे चलते जाना है।
बेचार उस मृग को भी पता नही रहता उस कस्तूरी का
जिसकी तलाश मे वो चलते जाती है।
यही है जिन्दगी,
बस चलते जाना है!!

✍अभिषेक कुमार