Wednesday, 13 April 2016

"Bachpan"- a memorable moment of life.



ज़िंदगी का वो हसीन पल
जब दुनिया से अनजान
बस अपने धुन मे मशगुल
हम सिर्फ अपनो के साथ
प्यार के उन पल को बिताते थे
जी हाँ वही
बचपन का समय
सबो का प्यारा-दुलारा
थोडी देर इधर -उधर चले जाने पर
माँ का दुलारा
वो पापा का प्यार
वो माँ के अन्गुली पकड कर
सभी जगह जाना
कितना अच्छा लगता था
इक पल का रुठ्ना
फिर माँ-बाबूजी का दुलारना
कितना अनोखा था वो लम्हा !
काश वो पल
फिर आ जाता....!